राकेश कुमार द्धारा लिखी गई लेख “जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन” प्रकाशित ,पोल्ट्री प्लानर पत्रिका में जनवरी -२०१७

जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन करते समय कुछ विशेष ध्यान रखने की आवश्‍यकता होती है।अगर हम जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन से अधिक से अधिक लाभ कमाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित बातें ध्यान में अवश्‍य रखनी चाहिए। जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन के लिए चूजे लाने से पहले या बाद में निम्नलिखित बातें ध्यान में अवश्‍य रखनी चाहिए: जाड़े के मौसम मुर्गीपालन […]

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ठंड के मौसम में पशुपालन कैसे करें ?

ठंड के मौसम में पशुपालन करते समय पशु -पक्षियों की देखभाल बहुत ही सावधानी और उचित तरीके से करनी चाहिये। ठंढ के मौसम में पशुपालन करते समय मौसम में होने वाले परिवर्तन से पशुओं पर बुरा प्रभाव पड़ता है, परंतु ठंड के मौसम में पशुओं की दूध देने की क्षमता शिखर पर होती है तथा दूध की […]

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मुर्गीपालन में बायोसिक्योरिटी

मुर्गीपालन में बायोसिक्योरिटी (जैविक सुरक्षा के नियम) पर विशेष ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजनाबद्ध तरीके से मुर्गीपालन किया जाए तो कम खर्च में अधिक आय की जा सकती है। बस तकनीकी चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है। वजह, कभी-कभी लापरवाही के कारण इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को भारी […]

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राकेश कुमार के द्वारा लिखी गई लेख “मुर्गीपालन लाभकारी क्यों और कैसे ?

राकेश कुमार के द्वारा लिखी गई लेख “मुर्गीपालन लाभकारी क्यों और कैसे ?” प्रकाशित पॉल्ट्री प्लानर के अगस्त २०१६ अंक में .

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पशुपालन से सम्बंधित कुछ जरुरी बातें

पशुओं को स्वस्थ और दुधारू बनाये रखने के लिए पशुपालन से सम्बंधित कुछ जरुरी बातें और नियम हैं ,जिसे की पशुपालकों को पालन करनी चाहिए . पशुओं को हमेशा साफसुथरे माहौल में रखना चाहिए. बीमार होने पर पशुओं को सेहतमंद पशुओं से तुरंत अलग कर देना चाहिए और उन का इलाज कराना चाहिए. इस के अलावा […]

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ब्रायलर मुर्गीपालन से सम्बंधित आधारभूत जानकारी

ब्रायलर मुर्गीपालन करने से से पहले यह जानना  जरूरी है की ब्रायलर मुर्गीपालन पालन क्या है और कैसे करें  ? ब्रायलर मुर्गीपालन  का पालन मांस के लिए किया जाता है। ब्रायलर प्रजाति के मुर्गा या मुर्गी अंडे से निकलने के बाद 40 ग्राम के होते हैं जो सही प्रकार से दाना खिलाने के बाद 6 हफ्ते में लगभग […]

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कुक्कुट पालन अंडे उत्पादन के लिए

कुक्कुट पालन किसानों की आर्थिक अवस्था सुधारने का महत्वपूर्ण उद्योग है। कुक्कुट पालन से कम समय व कम व्यय में अधिक आय प्राप्त की जा सकती है। देश में अभी प्रति व्यक्ति अंडा सेवन व मांस सेवन अन्य विकासशील पश्चिमी देशों की तुलना में बहुत ही कम है।  मुर्गी पालन से रोजगार की विपुल संभावना […]

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भैंस पालकों के सवाल और ग्रोवेल के डॉक्टर का जबाब

भैंस पालकों के सवाल का  ग्रोवेल के डॉक्टर की द्वारा जबाब , इस लेख में दिया गया है। प्र0    भैंस खुलकर गर्मी में नहीं आती। गाभिन करायें या नहीं? उ0    भैंस में गर्मी के लक्षण बहुत हल्के होते हैं। उनकी तुलना गाय से नहीं करनी चाहिए। लक्षण यदि ठीक प्रकार से पहचान में नहीं आ रहे हैं […]

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गाभिन भैंसों की देखभाल कैसे करें ?

गाभिन भैंसों की की देखभाल उचित तरीके से हो ताकि भैंस और बच्चे दोनों स्वस्थ रहें ,इसके लिए आपको गाभिन भैंसों की उचित देखभाल की जानकारी होना बहुत ही महत्वपूर्ण है। गर्भधारण से भैंस के ब्याने तक के समय को गर्भकाल कहते हैं। भैंस में गर्भकाल 310-315 दिन तक का होताहै। गर्भधारण की पहली पहचान […]

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पशुओं के सन्तुलित आहार

पशुओं सन्तुलित आहार वैज्ञानिक दृष्टि से दुधारू पशुओं के शरीर के भार के अनुसार उसकी आवश्यकताओं जिसे जीवन निर्वाह, विकास तथा उत्पादन आदि के लिए भोजन के विभिन्न तत्व जैसे प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट्स, वसा, खनिज,विटामिन तथा पानी की आवश्यकता होती है|पशु को 24 घण्टों में खिलाया जाने वाला आहार (दाना व चारा) जिसमें उनकी आवश्यकताओं की […]

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दूध उत्पादन व्यवसाय

दूध उत्पादन व्यवसाय या डेयरी फार्मिंग छेटे व बड़े स्तर दोनों पर सबसे ज्यादा विस्तार में फैला हुआ व्यवसाय है। दूध उत्पादन व्यवसाय व्यवसायिक या छोटे स्तर पर दूध उत्पादन किसानों की कुल दूध उत्पादन में मदद करता है और उसकी आर्थिक वृद्धि को बढ़ाता है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि, भारत में कई […]

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भैंस के प्रसूतिकाल के रोग

भैंस के प्रसूतिकाल के रोग एवं उपचार : भैंस का प्रसूतिकाल प्रसव के बाद का वह समय है जिसमें मादा जननांग विशेष रूप से बच्चेदानी, शारीरिक व क्रियात्मक रूप से अपनी अगर्भित अवस्था में वापस आ जाती है। इसमें लगभग 45 दिन का समय लगता है। भैंस के प्रसूतिकाल के रोग  इस प्रकार है। जनननलिका, योनि अथवा […]

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सुअर पालन व्यवसाय

सुअर पालन व्यवसाय , रोजगार के रूप में करने से इससे अधिक लाभ हो सकता है|बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए भोजन की व्यवस्था करना अति आवश्यक है| भोजन के रूप में अनाज एवं मांस, दूध, मछली, अंडे इत्यादि का प्रयोग होता है| जहाँ सिंचाई के अभाव में एक ही फसल खेत से लाना संभव है, […]

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दूध उत्पादन में करियर

दूध उत्पादन में करियर की अपार सम्भावनायें हैं ,एक ओर जहां राज्य सरकारें दूध की पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को सब्सिडी देकर उन्हें प्रेरित कर रही हैं, वहीं विज्ञान और तकनीकी का सहारा लेकर दूध उत्पादन बढ़ाने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. ग्रामीणों क्षेत्र के लोगों को उनकी आजीविका के साधनों […]

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मछली पालन उद्योग

मछली पालन उद्योग मछुआरों तक ही सीमित था कभी , किन्तु आज यह सफल और प्रतिष्ठित लघु उद्योग के रूप में स्थापित हो रहा है। नई-नई टेक्नोलॉजी ने इस क्षेत्र में क्रांति ला दी है। मत्स्य पालन रोजगार के अवसर तो पैदा करता ही है, खाद्य पूर्ति में वृद्धि के साथ-साथ विदेशी मुद्रा अर्जित करने में […]

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भैंस के लिये संतुलित आहार कैसे बनायें ?

भैंस के लिये संतुलित आहार उस भोजन सामग्री को कहते हैं जो किसी विशेष पशु की 24 घन्टे की निर्धारित पौषाणिक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। संतुलित राशन में कार्बन, वसा और प्रोटीन के आपसी विशेष अनुपात के लिए कहा गया है। सन्तुलित राशन में मिश्रण के विभिन पदाथोर् की मात्रा मौसम और पशु भार […]

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बछड़े की देखभाल कैसे करें?

बछड़े की देखभाल शुरुआती दौर में अच्छी तरह से होना काफी महत्वपूर्ण है क्योकि आज की बछड़ी कल की होने वाली गाय-भैंस है। जन्म से ही उसकी सही देखभाल रखने से भविष्य में वह अच्छी गाय भैंस बन सकती है। स्वस्थ बचपन में अगर बछड़ियों का वजन लगातार तेजी से बढ़ता है तो वे सही […]

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पशु का आवास कैसे बनायें ?

पशु का आवास जितना अधिक स्वच्छ तथा आराम दायक होता है, पशु का स्वस्थ उतना ही अधिक ठीक रहता है जिससे वह अपनी क्षमता के अनुसार उतना ही अधिक दुग्ध उत्पादन करने में सक्षम हो सकता है| अत: दुधारू पशु के लिए साफ सुथरी तथा हवादार पशुशाला का निर्माण आवश्यक है क्योंकि इसके आभाव से […]

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जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन

जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन करते समय कुछ विशेष ध्यान रखने की आवश्‍यकता होती है।अगर हम जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन से अधिक से अधिक लाभ कमाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित बातें ध्यान में अवश्‍य रखनी चाहिए। जाड़े के मौसम में मुर्गीपालन के लिए चूजे लाने से पहले या बाद में निम्नलिखित बातें ध्यान में अवश्‍य रखनी चाहिए: जाड़े के मौसम मुर्गीपालन […]

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हिंदी में पशुपालन गाइड-भाग 2

ग्रोवेल द्वारा प्रस्तुत ये हिंदी में पशुपालन गाइड में पशुपालन से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दी गई है I इस हिंदी पशुपालन गाइड में निम्नांकित बिन्दुओं पर बिस्तृत जानकारी दी गई है I इस लेख को दो भागो में प्रकाशित किया गया है ,यह लेख हिंदी में पशुपालन गाइड का  भाग दो है I कृत्रिम गर्भाधान कृत्रिम गर्भाधान के […]

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हिंदी पशुपालन गाइड-भाग 1

                      हिंदी पशुपालन गाइड में पशुपालन से सम्बंधित विस्तृत जानकारी दी गई है I इस हिंदी पशुपालन गाइड में निम्नांकित बिन्दुओं पर बिस्तृत जानकारी दी गई है I इस लेख को दो भागो में प्रकाशित किया गया है ,यह इस लेख का भाग एक है  […]

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जेब में रख ली इंजीनियरिंग की डिग्री और भैंसपालन करके करोड़पति बनें .

  भैंसपालन करके  करोड़पति बनें हरियाणा में जींद जिले के छोटे से गांव बोहतवाला के रहने वाले हैं बलजीत सिंह रेढु की कहानी है ये । इन्हें बचपन में बताया गया था कि कभी इस इलाके में दूध की नदियां बहती थीं। लेकिन बड़े हुए चीजें बदल गईं। इस इलाके में फिर से दूध का कारोबार […]

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मुर्गी मशालेदार

मुर्गी शायद धरती पर सबसे बड़ी तादाद में पाया जाने वाला पक्षी है। कई अनुमानों के मुताबिक दुनिया भर में 13 अरब से भी ज़्यादा मुर्गियाँ पायी जाती हैं! और इसका गोश्त इतना मशहूर है कि हर साल 33 अरब किलोग्राम से भी ज़्यादा मुर्गी का गोश्त खाया जाता है। इसके अलावा, पूरे संसार में मुर्गियाँ हर […]

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संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे

अंडा पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है, इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी पौष्टिक तत्व पाये जाते हैं, यह एनर्जी बूस्टर होने के साथ-साथ वजन को भी संतुलित रखता है, इसलिए ब्रेकफास्ट में अंडों का सेवन कीजिए। ‘संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे’ वाली कहावत यूं ही नहीं प्रचलित है वास्तव में अंडा अपने […]

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भैंश पालन लाभकारी कैसे हो ?

                          भैंश पालन लाभकारी कैसे हो ? यह बहुत बड़ा प्रश्न है और समाधान बिलकुल आसान है , अगर आप इस लेख को ध्यान से पढ़ें और बताये गए निर्देशों को अमल करें को भैंस पालन लाभकारी ही नहीं सबसे लाभकारी ब्यवसाय हो […]

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मुर्गीपालन में रोजगार के अवसर

मुर्गीपालन में रोजगार के अवसर: मुर्गीपालन भारत में 8 से 10 प्रतिशत वार्षिक औसत विकास दर के साथ कृषि क्षेत्र का तेजी के साथ विकसित हो रहा एक प्रमुख हिस्सा है। इसके परिणाम–स्वरूप भारत अब विश्व का तीसरा सबसे बड़ा अण्डा उत्पादक(चीन और अमरीका के बाद) तथा कबाब चिकन मांस का 5वां बड़ा उत्पादक देश […]

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कुक्कुट-पालन में रानीखेत रोग के प्रभाव और उपचार.

रानीखेत एक अत्यधिक घातक और एक संक्रामक रोग है, यह रोग  कुक्कुट-पालन की सबसे गंभीर विषाणु बीमारियों में से एक है। इस रोग के विषाणु ‘पैरामाइक्सो’ को सबसे पहले वैज्ञानिकों ने वर्ष १६३९-४० में उत्तराखंड (भारत) के ‘रानीखेत’ शहर में चिन्हित किया था। रानीखेत रोग बहुत से पक्षियों जैसे मुर्गी, टर्की, बत्तख, कोयल, तीतर, कबूतर, […]

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मुर्गी पालन कंपनी के मालिक बहादुर अली की कहानी.

मुर्गी पालन में कामयाबी की इस कहानी को पढ़िए और आप भी कुछ सीखिये इस कहानी से। हालात से समझौता नहीं करने वाले बहादुर अली पिता की अचानक मृत्यु के बाद साइकिल की दुकान में पंचर बनाने के लिए मजबूर हुए लेकिन मन में था कामयाबी का सपना… फिरशुरू किया अपना स्वरोजगार- मुर्गी पालन । […]

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बकरी पालन

बकरी पालन-एक परिचय: बकरी पालन प्रायः सभी जलवायु में कम लागत, साधारण आवास, सामान्य रख-रखाव तथा पालन-पोषण के साथ संभव है। इसके उत्पाद की बिक्री हेतु बाजार सर्वत्र उपलब्ध है। इन्हीं कारणों से पशुधन में बकरी का एक विशेष स्थान है। उपरोक्त गुणों के आधार पर राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी बकरी को ‘गरीब की गाय’ कहा […]

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पशु चिकित्सा के लिए आईसीयू.

पशु चिकित्सा के लिए आईसीयू ,है न अच्चम्भा ! जी हाँ ,देश की एक ऐसी गौशाला जहां गायों का आपरेशन व पशुओं के लिए आईसीयू की व्यवस्था है। यहीं नहीं इनकी देखरेख के लिए 65 डाक्टर, 268 स्टाफ , 21 एम्बुलेंस व निजी कम्पाउंडर भी तैनात हैं। राजस्थान में पशुओं की सेवा के लिए नागौर […]

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दुग्ध पशुओं में प्रजनन.

पशुओं में प्रजनन कार्यक्रम की सफलता के लिए पशु पालक को मादा पशु में पाए जाने वाले मद चक्र का जानना बहुत आवश्यक है| गाय या भेंस सामान्य तौर पर हर 18 से 21 दिन के बाद गर्मी में आती है जब तक शरीर का वज़न लगभग 250 किलो होने पर शुरू होता है| गाय […]

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दुधारू पशुओं की देखभाल, गर्मी में।

दुधारू पशुओं की देखभाल एवं नवजात पशुओं की देखभाल का ग्रीष्मकाल में औचित्य : बेहद गर्म मौसम में , जब वातावरण का तापमान ‍ 42-48 °c तक पहुँच जाता है और गर्म लू के थपेड़े चलने लगतें हैं तो पशु दबाव की स्थिति में आ जाते हैं। इस दबाव की स्थिति का पशुओं की पाचन […]

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पशुओं के लिए खनिज लवण का मह्त्व.

पशुओं के लिए खनिज लवण प्रजनन में  अतिमहत्वपूर्ण स्थान हैं। शरीर में इनकी कमी से नाना प्रकार के रोग एवं समस्यायें उत्पन्न हो जाती है। इनकी कमी से पशुओं का प्रजनन तंत्र भी प्रभावित होता है, जिससे पशुओं में प्रजनन संबंधित विकार पैदा हो जाते है, जैसे पशु का बार-बार मद में अनाना, अधिक आयु […]

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डेयरी फार्म उधोग खड़ा किया IT करियर छोड़ ,करोड़पति बनें

डेयरी फार्म उधोग खड़ा किया संतोष डी सिंह, जिन्होंने ने अच्छी -खासी आईटी करियर  छोड़कर आज उनके डेयरी फार्म उधोग का कुल टर्नओवर 1 करोड़ रुपए सालाना है। कंपनी : अमृता डेयरी फार्म्स संस्थापक : संतोष डी सिंह क्या खास : आईटी सेक्टर प्रोफेशनल द्वारा कम संसाधनों के साथ शुरू किया गया डेयरी फार्म उधोग समय के […]

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१५ लाख की नौकरी छोड़, डेयरी फार्मिंग कर करोड़पति बनें गौतम अग्रवाल की कहानी ।

लुधियाना। ‘एमबीए करने के बाद मैं एक कंपनी में पंजाब का स्टेट हेड बन चुका था। पोस्टिंग लुधियाना में थी। और 15 लाख रुपए का एनुअल पैकेज। कई बड़ी कंपनियों से जॉब के ऑफर भी थे। लेकिन, उन्हें छोड़कर मैंने मिल्क प्रोसेसिंग और डेयरी फार्मिंग कर करोड़पति बनेंका कारोबार शुरू किया। और कुछ दिनों बाद ही […]

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गर्मी में मुर्गी पालन कैसे करें ?

गर्मी में मुर्गी पालन करने वालों के लिए आवश्यक है कि तापमान की तेजी से मुर्गियों को बचाया जाए, क्योंकि गर्मीं अधिक बढ़ने से मुर्गियों की मृत्यु दर बढ़ सकती है। मुर्गियों में अधिक मृत्यु दर होने से मुर्गीपालकों को भारी वित्तीय हानि उठानी पड़ सकती है। गर्मी के मौसम में थोड़ी सावधानी से मुर्गियों […]

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सूकर पालन कैसे करें ?

सूकर पालन कम कीमत पर में कम समय में अधिक आय देने वाला व्यवसाय साबित हो सकता हैं,जो युवक पशु पालन को व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं सूकर एक ऐसा पशु है, जिसे पालना आय की दृष्टि से बहुत लाभदायक हैं, क्योंकि सूकर का मांस प्राप्त करने के लिए ही पाला जाता हैं […]

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मुर्गीपालन ब्यवसाय से लाखों- करोड़ों कमा सकते हैं.

मुर्गीपालन ब्यवसाय एक ऐसा व्यवसाय है जो आपकी आय का अतिरिक्त साधन बन सकता है। बहुत कम लागत से शुरू होने वाला यह व्यवसाय लाखों-करोड़ों का मुनाफा दे सकता है। इसमें शैक्षणिक योग्यता और पूंजी से अधिक   अनुभव और मेहनत की दरकार होती है. आज के समय में बेरोजगारी सबसे बड़ी समस्या है। ऐसे में […]

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दुधारू पशुओं के आहार संतुलित कैसे बनायें और खिलाएं?

दुधारू पशुओं के आहार संतुलित कैसे बनायें और खिलाएं? संतुलित आहार उस भोजन सामग्री को कहते हैं जो किसी विशेष पशु की 24 घन्टे की निर्धारित पौषाणिक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। संतुलित राशन में कार्बन, वसा और प्रोटीन के आपसी विशेष अनुपात के लिए कहा गया है। दुधारू पशुओं के आहार को सन्तुलित राशन में मिश्रण […]

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भैंस पालन से सम्बंधित जानकारियां.

डेयरी पालन उद्योग में दुधारू पशुओं को पाला जाता है। इनमें गाय, भैंस व बकरी उल्लेखनीय हैं। भैंस और गाय की अपेक्षा बकरी का दूध मात्रा में कम होता है। भैंस और विदेशी नस्ल की गायें ज्यादा मात्रा में दूध देती हैं। भारत में 32 तरह की गायें पाई जाती हैं। गायों की प्रजातियों को […]

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मुर्गीपालन लाभकारी क्यों और कैसे?

मुर्गीपालन लाभकारी व्यवसाय क्यों और कैसे ? क्यूंकि ,मुर्गीपालन भूमिहीन ,सीमान्त किसानों तथा बेरोजगार नौजवानों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने का एक प्रभावी साधन है । मुर्गीपालन लाभकारी व्यवसाय क्यूंकि मुर्गीपालन लगातार ८-१० प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की दर से बढ़ रहा है जबकि दूध व्यवसाय की वार्षिक वृद्धि दर ४-५ प्रतिशत अनुमानित है । कुछ प्रबुद्ध शाकाहारियों द्वारा […]

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पशुपालकों के सवाल और ग्रोवेल के डॉक्टर का जबाब – भाग 2

पशुपालकों के सवाल और ग्रोवेल के डॉक्टर का जबाब – भाग 2 प्रश्न: संक्रामक रोगों के प्रमुख लक्षण क्या है? डॉक्टर का जबाब : संक्रामक रोगों के प्रमुख लक्षण निम्न है:- – तीव्र ज्वर – भूख ना लगना – सुस्ती – सूखी थोंथ – कमजोर रूमिनल गति अथवा पूर्ण रूप से स्थिर होना – दुग्ध […]

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पशुपालकों के सवाल और ग्रोवेल के डॉक्टर का जबाब- भाग 1

पशुपालकों के सवाल और  ग्रोवेल के डॉक्टर का जबाब : प्रश्न: पशुओं को कितना आहार देना चाहिये ? डॉक्टर का जबाब : दूधारू पशुओं में क्षमता अनुसार दूध प्राप्त करने के लिए लगभग 40-50 कि.ग्रा. हरे चारे एवम 2.5 कि. दाने की प्रति किलोग्राम दूध उत्पादन पर आवश्यकता होती है। प्रश्न: यदि हरा चारा पर्यापत […]

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ब्रॉयलर मुर्गीपालन लाभकारी व्यवसाय

ब्रॉयलर मुर्गीपालन व्यवसाय मीट  के ही उत्पादन के लिए किया जाता है। ऐसा देखा गया है कि ब्रॉयलर मुर्गीपालन यानि मीट उत्पादन अण्डा उत्पादन से लाभकारी है । इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ब्रॉयलर मुर्गीपालन के लिए चूज़े 40-45 दिनों में तैयार हो जाते हैं जबकि अण्डा उत्पादन के लिए तैयार होने में […]

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